गुरु बिना घोर अंधेरा || श्री अमृत नाथ जी भजन || Amrit Bhakti Bela ||
अमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जयअमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जयअमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जयअमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जयअमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जयअमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जयअमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जयअमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जयअमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जयअमृत नाथ महान अमर है । अमृत नाथ महान अमर है । जय जय जय बऊधाम अमर है ।। स्वर्ग लोक से पावन भूमी जाण सके तो जाण अमृत जोत अखंड जगत है सुगरा लेव पिछाण अमर है........ सत संगत की बाता न्यारी नवानाथ लेई जाण सतगुरुवां के आसीसां सँ बणी भेष की स्यान अमर है....... अधर सिहासन रति बसत है नाथ निरंजन नाम ॐ शिव गोरक्ष ॐ शिव गोरक्ष गूंजे आठों याम अमर है......... त्रिवेणी म स्नान करो या करल्यो चारूं धाम बऊ धाम के दरसन सेती होसी "मंगल" काम अमर है जय जय जय बऊ धाम बोल अमृत नाथ जी महाराज की जय

शरद पूनम की रात || श्री अमृत नाथ जी भजन || Amrit Bhakti Bela ||

विकास नाथ जी भजन || Bhajan Vikas Nath Ji Maharaj | Bhalayi Aaya Ji Satguru Mp3 | Jai Shree Nath Ji

सतगुरू जी के शरण सेती म्हारा || श्री अमृत नाथ जी भजन || Amrit Bhakti Bela ||

शिव अवतारी गुरु गोरखनाथ जी भजन 2025। ॐ शिव गोरख जय #भोलेनाथ ।। Goga Meri Jhariya गुरु पूर्णिमा

सोव थी नगरिया सारी || श्री अमृत नाथ जी भजन || Amrit Bhakti Bela ||

2020 best Indian classical Bhajan (दिनेश भट्ट) साधो रे गुरु बिन घोर अंधेरा

सौव नगरी को सारो लोग || श्री अमृत नाथ जी भजन || Amrit Bhakti Bela ||

Gulab Nath Ji Ka Bhajan !! धुणों तप राम को !! Nathji Bhajan

AMRIT LILA 3(2)

शरणा तेरा है आसरा तेरा है || हे मंगल की मूल भवानी || रतिनाथ जी महाराज भजन || Nath ji Bhajan || KDH

चौरासी की नींद से म्हारा सतगुरु || श्री अमृत नाथ जी भजन || Amrit Bhakti Bela ||

जाग मछिन्दर गोरख आया | Jag Machandar Gorakh Aaya | Gorakhnath bhajan | Hirasingh Boraliya

स तो सत अविनाशी: #कन्हैया नाथ जी #कर्म नाथ जी का शब्द

Nathan Main Nath Nirala Tu | Sufi Sukhdev | Gorakhnath Bhajan

Sampurna Prarthana - Shri Amritnath Ashram sung by disciples Daya Fatehpuria saria and friends

रतिनाथ जी महाराज भजन | Ratinath Ji Bhajan | Tu Aayo Der S Girdhari Mp3

दिल को छू लेने वाला भजन नाथजी महाराज का आई जवानी भया दीवाना, बल तोले हस्ती जितना। भजन I

नर ध्यान दे सबद में | श्री अमृत नाथ जी भजन | Amrit Bhakti Bela |

शिव गोरख नाथ की अमृत वाणी

