श्रीललिता सखी अवतार स्वामी श्रीहरिदास जी महाराज |पद |प्यारीजू जब जब देखों मैं तेरो मुख
श्रीललिता सखी अवतार स्वामी श्रीहरिदास जी महाराज |पद |प्यारीजू जब जब देखों मैं तेरो मुख पहला पद श्री कृष्ण श्री राधा से कहते हैं: हे प्यारी जू, जब भी मैं तुम्हारे मुखकमल को देखता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे मैं तुम्हें पहली बार देख रहा हूं। ऐसा भ्रम हो जाता है मानो मैंने ऐसी सुंदरता पहले कभी नहीं देखी हो। ऐसी सुन्दर एवं दिव्य छवि की शोभा का वर्णन करने को न ही कोई कलम है और न कोई कागज ही है। हे प्यारी जू! ऐसे कोटि दीप्तिमान चंद्रमाओं की कांति को तुम कैसे छुपा लेती हो, जिनकी नवीन माधुरी का पान कर मैं नित्य मोहित होता रहता हूँ। श्री हरिदास के स्वामी श्री श्यामसुंदर कहते हैं कि "मेरी इच्छा कभी कम न हो, कभी संतुष्टि न मिले, और मैं रात-दिन तुम्हारी रूप माधुरी में छक कर जागता रहूँ।" दूसरा पद श्री हरिदासी सखी कहती हैं कि हे प्यारी जू, श्री बिहारीजी आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं, आप हैं कि समाधि लिए बैठी हैं, एवं समाधि भी आप तोड़ना नहीं चाहती, आप श्री बिहारी जी को क्यों नहीं निहारना चाहती? [1] अचानक श्री बिहारीजी आए एवं उन्होंने अपने हाथों से श्री प्यारी जू की आँखें मूँद दी, और वह शोर मचाने लगी । श्री बिहारीजी ने पूरे निकुंज वन में ढूँढा परंतु उन्हें प्यारी जू प्रवेश द्वार पर मिलीं । [2]

चलो चलो री किशोरी वृन्दावन में| रास आवाहन

भावमय पद

श्याम सिधारे कौन देस | गोपियों की विरह दशा जब श्याम उन्हें छोड़ गए 🍂विरह गीत | सूरदास पद | गोपी गीत

Saghan Kunj Ki Chaanh | Raag khamaj based Bhajan, Shri Radhamadhav Bhakti

अहो लड़ेती! इतनी मोपै कृपा करो बलि जाऊँ || 🌸भोरी सखी पद 🌸 || 🌼 श्रीहित हरिवंश 🌼

जब भाव से भरे पद को सुनकर महाराज जी बोले एक पद और सुनाओ ! Bhajan Marg

राग चारुकेशी..मुझ को नही है ज्ञान तुम्हारा । रेवतीरमण जी महाराज श्रद्धाजंलि । नवल जी रसिया । Raga

एक संत के साथ ताजमहल में घटी ऐसी घटा जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे Shri Rajendra Das Ji Maharaj ke Katha

अनुपम माधुरी जोरी हमारे श्याम श्यामा की|anupam madhuri jodi| lyrics😀❤️

अवगुन चित्त न धरो =सूरदास Avgun chit na dharo-Ayodhyadas

श्री प्यारी जू को मेरी सुध कोन क्रावे , Shri pyari ju ko meri sudh kon karwey , bhori sakhi pad

श्याम नहीं छिन आए सखी री। विरह भाव| पद संख्या-32

नित्य पाठ पदावली Nitya Path Padawli | स्वामी श्री कृष्णदेव जू की बानी | चंदा सूरज | Rangtaal Bhakti

स्वामिनी तेरो सुहाग मनाऊं|SWAMINI TERO SUHAG MANAU|रसिक पदावली

तेरी ह्वौ अब कौन सौ डरि हौ।

उमड़ि उमड़ि दृग नीर बहावें।विरह भाव । राग-तोड़ी

रसिक पदावलि-30| प्यारी जू प्यारे की जीवन- MAHAVANI| SHRI KRISHNA Bhajans| VRINDAVAN

प्यारी जू जब जब l Pyari ju Jab Jab l Swami Haridasji l Sung by Madhukar ji l SevaKunj,Vrindavan

अवश्य सुने - बिहारी जी के | 1 to 37 All in one Shree Kelimal Pad | Shree Swami Haridas | 500+ Old

