परम दयाल स्वामिनी मोरी | Param dayal swamini mori by Indresh upadhyay ji with lyrics in Hindi
परम दयाल स्वामिनि मोरी। श्रीवृषभान भवन कुल भूषण, कीरति कुँवरि शरण में तोरी। अहो लड़ैती दया दृष्टि कर, नेक चितौ करुना की कोरी। परम दयाल स्वामिनि मोरी। गुण निधान प्यारी प्रीयतम की, परम प्रवीन तोऊ अति ही भोरी॥ रहूँ हजूर रावरी निसदिन, सेवा करूँ निकुंजन ठोरी। हुलस हुलस गाउँ गुन तोरे, निरखूं युगल भाँवती जोरी॥ परम दयाल स्वामिनि मोरी। रूप रसामृत पाय मगन मन, छकी रहूँ या रस में बोरी। दुलराऊँ दिन दुलह दुलनिया, जीवन प्राण किशोर किशोरी॥ लाख-लाख अभिलाषा यही है, मागौं विविध निहोर निहोरी। 'सरस माधुरी' दरस भिकारिन, दोउ कर जोर पसारत झोरी॥ परम दयाल स्वामिनि मोरी। श्री सरस माधुरी जी मेरी स्वामिनी श्री राधा परम दयालु हैं। हे श्री वृषभानु जी के महल की कुल-भूषण, हे कीरति कुंवरि, मैं आपकी शरण में हूँ। [1] हे लाड़िली, मुझपर दया की दृष्टि कीजिये, एक-बार मेरी ओर करुणा की कोर कीजिये। हे गुण निधान, आप श्री लाल जू की प्राण-प्यारी हैं, आप परम प्रवीण हैं फिरभी अति भोरी हैं। [2] ऐसी कृपा हो कि निकुंज में निशिदिन मैं आपके चरणों में उपस्थित हो आपकी सेवा करूँ । मैं हुलस-हुलस कर आपके गुणों का गान करूँ और श्री लाल जी के संग आपकी दिव्य छवि को निहारूँ । [3] हे किशोरी जी, मेरा मन आपके रूप रसामृत का पान कर प्रसन्नता से भरा रहे और मैं नित्य इसी दिव्य रस में डूबी इस रस का पान करती रहूँ । मैं नित्य ही दूल्हा दुल्हन [श्री राधा कृष्ण] को दुलार कर लाड़ लड़ाता रहूँ क्यूँकि मेरे प्राण किशोर किशोरी हैं । [4] श्री सरस माधुरी जी कहते हैं "हे श्री राधा, मैं आपके दर्शनों की भिखारिन हूँ, मैं अपने दोनों हाथों को जोड़कर अपनी झोली पसार कर यही मांगता हूँ कि मैं नित्य आपकी सुन्दर लीलाओं का अवलोकन करता रहूँ " । [5]

परम दयाल स्वामिनी मोरी | श्री बलदेव कृष्ण सहगल | राधा भजन रस निकुंज

तेरे बगैर सांवरिया.. Tere Bagair Sawariya Jiya Nahi Jaye | Indresh Upadhyay Bhajan | New Bhajan

मौन रहो अकेले रहो फिर देखो क्या चमत्कार होता है। आपके साथ Katha Vyas Indresh upadhyay ji maharaj

Jisako tera bharosa | जिसको तेरा भरोसा जिसको तेरा सहारा by Indresh Ji Upadhyay with lyrics

भक्त सूरज ध्वज की कहानी # पूज्य श्री इंद्रेश उपाध्याय

भोरी सखी जी चरित्र | Indresh upadhyay Ji

।। हे हरि अपने आंगन कछु गावत ।। श्री सूरदास जी ।। Shri Indresh Ji ।। Hari Apne Aangan ।। Talhati

महाराज जी की आँखों से अश्रुधार बह निकली जब सुनाया उद्धव गोपी प्रसंग #vrindavan #radheradhe #krishna

जोगी रंग भी नाया | Jogi rang bhi naya with Lyrics | Pujya Shri Indresh Ji

जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश संकीर्तन || Non Stop Peacefully Kirtan || Malook Peeth Maharaj Ji

Kishori Tore Charnan Ki Raj Pao - Pujya Shri Indresh Ji Maharaj

कई जन्मों से बुला रहे हो | Kai janmo se bula rahe ho | Indrjiesh Upadhyay Ji #bhajan @BhaktiPath

हंस कर लोट पोट हो जाओगे 🤣 इस कथा को सुन कर | Indresh Upadhyay ji

जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा ||Jaha Le Chaloge Vahi main Chalunga|| Indreshji maharaj || Bhajan

🧿भक्त चरित्र - बलराम दास |❣️ हृदय को छू लेने वाली कथा | ❣️पूज्य श्री इन्द्रेश जी | DivineBhaktiiii

Radha Ramanam Hare Hare - Shri Indresh Upadhyay Ji | #BhaktipathAnthem

हरि जी मोहे चाकर राखो🌺Hariji Mhane Chaakar Rakho Ji🌺मीराबाई भजन @BhaktiPath #bhajan #indreshji

‘ श्री राधाकृपा कटाक्ष स्तोत्र ’ You tube पर पहली बार श्री राजेन्द्र दास जी महाराज के स्वर में।

तेरे बगैर सांवरिया जीया नहीं जाए Tere bagair sawariya jiya nahi jaye Indresh upadhyayJi with lyrics

