Acharya Vidhyasagar Stuti/Jain Stuti Bhajan | आचार्य विद्यासागर स्तुति Anshul Jain | Ankit Singhai
सच कहूं तो आचार्य भगवंत विद्यासागर जी महामुनिराज के गुणों को, उनके अतुलनीय त्याग को, उनके आलौकिक तेज को शब्दों में बांध पाना असम्भव है किंतु जब जब भी पूज्य गुरूदेव की अद्वितीय चर्या को देखा है चाहे उनके रहते प्रत्यक्ष रूप से या फिर उनके भौतिक जग से विदा लेने के पश्चात अपनी स्मृति में, गुरुवर सरीका ना किसी को पाया है और ना ही शायद अपने जीवनकाल में पा पाऊंगा। ऐसे पूज्य आचार्य भगवंत को अपने भक्तिमई नेत्रों से जैसा निहारा है उन पावन भावों को शब्दों में पिरोने का कार्य किया है आदर्श जैन "साहिल" जो कि केसली जिला सागर के निवासी हैं एवं उक्त भावमयी स्तुति को मैंने और मेरे बड़े भाई अंकित जैन सिंघई जी ने संगीतबद्ध कर अपनी आवाज में प्रस्तुत कर आप सभी के समक्ष रखने का प्रयास किया है आशा करते हैं विद्यासागर भगवंत की महिमा स्वरूपी ये पावन स्तुति जन जन के भावों की सरिता बन निरंतर प्रवाहमान होती रहे। Singer : Anshul Jain Ansh Ankit singhai Coras : Sandhya jain Lyrics : Adarsh Jain Kesli Music : Krishna Pawar Recording : Himashu jain Video: Mayank Jain Pixel Note : This is a copyrighted material. Using it without permission is prohibited. आध्यात्म सिंधु मम प्राणधार निरमोही साधक नमो नमः सदा प्रसन्ना महाऋषि जिनयुग के पालक नमो नमः वीतरागी शिवपथ के राही, ज्ञान के सरोवर नमो नमः। त्याग दया संयम के धारी युग उद्घोषक नमो नमः।। हे ऋषि महामुनि ज्ञान के दामिनी , सकल विश्व तुम्हे नमन करें वेश दिगंबर धरने वाले , ब्रह्मचर्य का वरण करें राजा रंक या श्रावक साधु ,गुरूवर सबका ध्यान धरें जय जय जय गुरु विद्यासागर, तेरा हम गुणगान करें।। 1 हे तीर्थराज हे क्षपकराज युग श्रेष्ठ ऋषि दैदीप्तमान पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण सर्व दिशा जाज्वल्यामान हे तपो मूर्ति हे आराधक जिन शासन का कल्याण करें जय जय जय गुरु विद्यासागर, तेरा हम गुणगान करें।।2 अमल अचल अंबर सन्यासी सत्य साधना सन्निधान अनघ अनश्वर अंतरिक्ष औ चंद्रप्रभा आलोकमान ध्यान चित्त गंभीर अवस्था,पुंडरीक सम जान पड़ें जय जय जय गुरु विद्यासागर, तेरा हम गुणगान करें।।3 शुद्ध बुद्ध पुलकित प्रबुद्ध अनुराग अभय अरिहंत तुम्हीं महावीर सी चर्या पाले ,पंचम काल के संत तुम्हीं मुग्ध मधुर मुस्कान गुरु की कष्टो का संहार करें जय जय जय गुरु विद्यासागर, तेरा हम गुणगान करें।।4 महा तपस्वी विद्यासागर मोक्ष मार्ग पथ गमन करें सदा प्रसन्ना महा ऋषि अघोषित पथ पर भ्रमण करें शांत ,चित्त,गंभीर,सरलता,गुरुवर का श्रृंगार बने जय जय जय गुरु विद्यासागर,तेरा हम गुणगान करें।।5 वर्धमान सी काया जिनकी, भौतिक सुख सब दमन किया सृष्टि को परिभाषित करती मूक माटी का सृजन किया एक झलक आचार्य गुरू की , भक्तों में झंकार भरे जय जय जय गुरु विद्यासागर, तेरा हम गुणगान करें।।6 समय, योग संग नियम, सुधा की धारा से आगाज किया अभय,वीर, सम्भव,प्रशांत व समता संग प्रसाद दिया निर्यापक ये अंश तुम्हारे , नव युग का आधार बने जय जय जय गुरु विद्यासागर, तेरा हम गुणगान करें।।7 वलितं, शमितं, चरितं, हसितं, गुरू की रज रज मधुर लगे वदनं , वचनं, अधरं , करमं , देवों सम मुनि रूप धरे उठी नजर जब जब गुरुवर की, भक्तों में हुंकार भरे जय जय जय गुरु विद्यासागर, तेरा हम गुणगान करें।।8 सौभाग्य दिया तुमने दक्षिण को, ग्राम सदलगा जन्म लिया अंतिम रज उत्तर को देकर चंद्रगिरी को धन्य किया युगो युगों तक अमर सर्वथा,जग में जिनका नाम रहे जय जय जय गुरु विद्यासागर, तेरा हम गुणगान करें।।9

Baba Tum Bin Raha Jay Na/ बाबा तुम बिन रहा जाए न। New Jain Bhajan / Anshul Jain Ansh Bhajan

मोही मुनि की अपेक्षा निर्मोही ग्रहस्थ श्रेष्ठ । मुनि क्षमासागर जी महाराज । @aagamkeparipekshme

मंगलवार के दिन ये जैन अमृतवाणी सुनने से आपके घर में धन की बढ़ोतरी होगी#jainamritvani

आत्मा को समझे~ प्रवचनकार: आचार्य महाप्रज्ञ

मूक माटी - आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का सुंदर भजन (Jain Bhajan) | भावपूर्ण श्रद्धांजलि

श्री मंशा पूर्ण महावीर स्वामी स्तुति,आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज द्वारा रचित,Mahaveer Stuti 🙏

"Gurudev Chale Aao/गुरुदेव चले आओ" । Anshul Jain Ansh/Anshul Jain । New Jain Bhajan । Jain

BADE BABA CHALISA AADINATH BHAGWAN || SINGER AND COMPOSER - HRITIK JAIN

The Yoga of the Bhagavad-gita

केसर चन्दन को छिड़काव || Kesar Chandan Ko chhidkaav.!! Pintu Swami Siddharth

रत्नों की न वेदी हैं ll आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी महाराज पूजन ll प्रतिभामंडल न्यास द्वारा रचित

सुप्रसिद्ध गुरु भजनो का संग्रहण || letest jain bhajan 2024 ||Nikhil Jain dongargarh

बारह भावना | Barha Bhavna | Jain Stuti AI #barahbhavna #meribhavna #jainstavan #jainstuti #jainpath

Chance to Change |19 JAN LIVE

O suraj ki kirno || lyricist & singer : Roopesh jain || vidya guruvar se kehna || 2025 || vinyanjali

Hamare Sath Parasnath

वैराग्य महाकाव्य || ग्यारहवाँ सर्ग || Vairagya Mahakavya -11 || Dr.Hukamchand Bharill || #ptst

विनती हमारी हे बड़े बाबा विद्यागुरू फिर मिल जाये । रचना - आशीष श्री जी । स्वर -ब्र. सलोनी जैन

