कीनाराम बाबा की अलौकिक शक्ति । मरे व्यक्ति को जिंदा कर देते थे" Kinaram Baba "
कीनाराम बाबा की अलौकिक शक्ति कीनाराम बाबा की अलौकिक शक्ति । मरे व्यक्ति को जिंदा कर देते थे" Kinaram Baba " पानी पीते ही चमत्कार; अघोरेश्वर बाबा कीनाराम का कुआं! अघोरी का अनोखा कुआं; पानी पीते ही हो जाता है चमत्कार। रहस्यों से भरे हैं अघोराचार्य कीनाराम। हम पहुंच गए थे उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में रामगढ़ गाँव मे वहां कीनाराम महाराज अघोरेश्वर पीठाधीश्वर की समाधि है। यहां के कुएं का पानी देश-विदेश से लोग पीने आते हैं। पीने पर उन्हें मनोवांछित फल मिलते हैं। चर्म रोग समाप्त हो जाता हैं। एक ही कुआं किंतु पानी का स्वाद अलग अलग होता है। रहस्यों से भरा है अघोरेश्वर पीठाधीश्वर किनाराम का दरबार। #किनाराम_वाराणसी #कीनाराम_आश्रम रामगढ़ @ApnaVicharnews7 अन्य रोगों से भी मुक्ति मिलती है। कुएं के चारों तरफ से पानी निकाला जाता है। बाबा किनाराम उत्तर भारतीय संत परंपरा के एक प्रसिद्ध संत थे, जिनकी यश-सुरभि परवर्ती काल में संपूर्ण भारत में फैल गई। वाराणसी के पास चंदौली जिले के ग्राम रामगढ़ में एक कुलीन रघुवंशी क्षत्रिय परिवार में सन् 1601 ई. में इनका जन्म हुआ था। बचपन से ही इनमें आध्यात्मिक संस्कार अत्यंत प्रबल थे। तत्कालीन रीति के अनुसार बारह वर्षों के अल्प आयु में, इनकी घोर अनिच्छा रहते हुए भी, विवाह कर दिया गया किंतु दो तीन वर्षों बाद द्विरागमन की पूर्व संध्या को इन्होंने हठपूर्वक माँ से माँगकर दूध-भात खाया। ध्यातव्य है कि सनातन धर्म में मृतक संस्कार के बाद दूध-भात एक कर्मकांड है। बाबा के दूध-भात खाने के अगले दिन सबेरे ही वधू के देहांत का समाचार आ गया। सबको आश्चर्य हुआ कि इन्हें पत्नी की मृत्यु का पूर्वाभास कैसे हो गया। अघोर पंथ के ज्वलंत संत के बारे में ऐक कथानक प्रसिद्ध है,कि ऐक बार काशी नरेश अपने हाथी पर सवार होकर शिवाला स्थित आश्रम से जा रहे थे,उन्होनें बाबा किनाराम के तरफ तल्खी नजरों से देखा,तत्काल बाबा किनाराम ने आदेश दिया दिवाल चल आगे,इतना कहना कि दिवाल चल दिया और काशी नरेश की हाथी के आगे - आगे चलने लगा। तब काशी नरेश को अपने अभिमान का बोध हो गया और तत्काल बाबा किनाराम जी के चरणों में गिर गये। [2] उत्तराखंड हिमालय में बहुत वर्षों तक कठोर तपस्या करने के बाद किनाराम जी वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट के श्मशान पर रहनेवाले औघड़ बाबा कालूराम (कहते हैं, यह स्वयं भगवान दत्तात्रेय थे) के पास पहुँचे। कालूराम जी बड़े प्रेम से दाह किए हुए शवों की बिखरी पड़ी खोपड़ियों को अपने पास बुला-बुलाकर चने खिलाते थे। किनाराम को यह व्यर्थ का खिलवाड़ लगा और उन्होंने अपनी सिद्धि शक्ति से खोपड़ियों का चलना बंद कर दिया। कालूराम ने ध्यान लगाकर समझ लिया कि यह शक्ति केवल किनाराम में है। इन्हें देखकर कालूराम ने कहा-भूख लगी है। मछली खिलाओ। किनाराम ने गंगा तट की ओर मुख कर कहा-गंगिया, ला एक मछली दे जा। एक बड़ी मछली स्वत: पानी से बाहर आ गई। थोड़ी देर बाद कालूराम ने गंगा में बहे जा रहे एक शव को किनाराम को दिखाया। किनाराम ने वहीं से मुर्दे को पुकारा, वह बहता हुआ किनारे आ लगा और उठकर खड़ा हो गया। बाबा किनाराम ने उसे घर वापिस भेज दिया पर उसकी माँ ने उसे बाबा की चरणसेवा के लिए ही छोड़ दिया। इन सब के बाद, कहते हैं, कालूराम जी ने अपने स्वरूप को दर्शन दिया और किनाराम को साथ, क्रींकुण्ड (भदैनी, वाराणसी) ले गए जहाँ उन्हें बताया कि इस स्थल को ही गिरनार समझो। समस्त तीर्थों का फल यहाँ मिल जाएगा। किनाराम तबसे मुख्यश: उसी स्थान पर रहने लगे। अपने प्रथम गुरु वैष्णव शिवाराम जी के नाप पर उन्होंने चार मठ स्थापित किए तथा दूसरे गुरु, औघड़ बाबा कालूराम की स्मृति में क्रींकुंड (वाराणसी), रामगढ़ (चंदौली), देवल (गाजीपुर) तथा हरिहरपुर (जौनपुर) में चार औघड़ गद्दियाँ कायम कीं। इन प्रमुख स्थानों के अतिरिक्त तकिया भी कितनी ही हैं। @ApnaVicharnews7 #apnavichar

300 साल में विज्ञान आत्मा के बारे में क्या पता लगा पाया? |Science |Alif Laila E79

Kaal Bhairav-Kashi Kotwal||Sadhna-Secrets and Mysteries||FT.Harsh Pandey||THE MONK TALKS EP-21

👉 क्या माता - पिता के कर्मों की सजा बेटा भोक्ता हैं...🤔। अष्टावक्र का चौंकाने वाला उत्तर...🤫।

The miraculous places of Vrindavan, Radharani, Jagnath Puri and the connection between Krishna Ji...

अघोरी का अनोखा कुआं; पानी पीते ही हो जाता है चमत्कार। रहस्यों से भरे हैं अघोराचार्य कीनाराम।

मन की गंदगी मिटाने का उपाय | श्री माँ आनंदमयी प्रसंग | दशम खंड

देखें बाबा कीनाराम के हाथों से स्थापित नायकडीह वैष्णव मठ व उसकी कहानी

कीनाराम की मड़इया चारों धाम से बड़ी | Baba Kinaram Bhajan Song | New Bhakti Song 2020

भूतों से खेलता है बाबा; खींच लेता है अपनी और भुतहा रेलवे ट्रैक!

अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी की आरती - ओम झा - अरणभ चैटर्जी - महादेव इंटरटेनमेंट की प्रस्तुति

Karbala की जंग क्यों हुई? शहादत की असली कहानी | Muharram 2025 | Imam Hussain | Alif Laila E54

बाबा कीनाराम की आरती | ओम झा - अरणभ चैटर्जी | New Arti Video 2020 Mahadev Entertainment

बाबा कीनाराम की कहानी | Vijay Lal Yadav - Bhojpuri New Birha 2021- Mahadev Entertainment

भगवान भेजते हैं इस बाबा को खाना ,घनघोर जंगल में कर रहे हैं तपस्या , आज़मगढ़ के आश्रम की असली कहानी

जानिए अघोर बाबा कीनाराम क्रीं कुंड का महत्त्व #NewsHaat

HE MET LORD SHIVA | Babaji Shivananda on Mansarovar Yatra, Shocking Predictions & Miracles | ST 134

वीर बर्बरीक ने क्यूँ किया अपने देह का त्याग | Suryaputra Karn | #mahabharat

बाबा कीनाराम की कहानी || बाबा कीनाराम आश्रम वाराणसी || सिद्ध संत

🚿⚡ नहाते समय पेशाब आने वालों के लिए आदि शंकराचार्य का चौंकाने वाला संदेश 😱 || LUCKY VEDANT STORIES||

