निजानन्द दर्शन का सिद्धान्त । आचार्य अशोक जी

निजानन्द दर्शन का सिद्धान्त । वक्ता- आचार्य अशोक जी स्थान- गाव-कन्थराई खेड़ा जिला, गुजरात Please subscribe to our channel at: https://goo.gl/maqz3p PS: Please Don't Forget to SUBSCRIBE to our "SPJIN" channel for an abundant wealth of spiritual discourses, devotional music and thought-provoking discussions. Widen your knowledge on Supreme Truth God, True Master (Satguru), True purpose of life, Jeeva & Soul, Meditation, Moral ethics and more. New videos are added regularly. So Keep watching, learning and sharing. Pranam Ji. नोट: कृपया हमारे "SPJIN" चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें (आप यहाँ क्लिक करके सब्सक्राइब करें - https://goo.gl/maqz3p) । आध्यात्मिक चर्चा, भजन - कीर्तन के इस अपार सागर रुपी चैनल के द्वारा आत्मा - परमात्मा, सतगुरु, मानव जीवन के परम लक्ष्य, ध्यान - समाधि, नैतिक मूल्यों आदि विषयों में अपना ज्ञान और बढ़ाएं । यहाँ पर नए वीडियो नियमित रूप से अपलोड होते रहते हैं । तो देखते रहिये , सीखते रहिये व दूसरों के साथ शेयर भी करते रहिये । प्रणाम जी । Social Links (Please FOLLOW & LIKE) - Facebook:   / shri.rajan.swami   Facebook:   / shri.prannath.jyanpeeth   Twitter:   / raajanswami   Website: https://www.spjin.org Email: [email protected] WhatsApp: +91-7533876060 Thanks for watching the video. Please SUBSCRIBE and press the Bell icon. Find more about us at: https://www.spjin.org श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ के मुख्य उद्देश्य - ज्ञान, शिक्षा, उच्च आदर्श, पावन चरित्र व भारतीय संस्कृति का समाज में प्रचार करना तथा वैज्ञानिक सिद्धांतो पर आधारित आध्यात्मिक मूल्य द्वारा मानव को महामानव बनाना और श्री प्राणनाथ जी की ब्रम्हवाणी के द्वारा समाज में फ़ैल रही अंध-परम्पराओं को समाप्त करके सबको एक अक्षरातीत की पहचान कराना। अति महत्वपूर्ण नोट :- यह पंचभौतिक शरीर हमेशा रहने वाला नहीं है। प्रियतम परब्रह्म को पाने के लिये यह सुनहरा अवसर है। अतः बिना समय गवाएं उस अक्षरातीत पाने के लिये प्रयास करना चाहिये। Free e-Books to Download related to Shri Tartam Vani and Chitwani, also you can order books in Print copies from Shri Prannath Gyanpeeth, Sarsawa (+91 70881 20381). 1. परिकरमा + सागर + सिनगार + खिलवत टीका https://www.spjin.org/assets/files/pa... https://www.spjin.org/assets/files/sa... https://www.spjin.org/assets/files/si... https://www.spjin.org/assets/files/kh... 2. NIJANAND YOG (निजानन्द योग) - Collection of 60 Invaluable FAQs https://www.spjin.org/assets/files/ni... 3. CHITWANI MARGDARSHAN (चितवनि मार्गदर्शन) - Smallest and Best ever Pocket Guide to Meditation https://www.spjin.org/assets/files/ch... 4. DHYAN KI PUSHPANJALI (ध्यान की पुष्पाञ्जलि) - Detailed Question-Answer Sessions transcribed in this unique pearl of spiritual wisdom https://www.spjin.org/assets/files/dh... आत्मिक दृष्टि से परमधाम, युगल स्वरुप तथा अपनी परआत्म को देखना ही चितवनि (ध्यान) है। चितवनि के बिना आत्म जागृति संभव नहीं है। संसार की अब तक की प्रचलित सभी ध्यान पद्धतियाँ निराकार-बेहद से आगे नहीं जाती हैं। तारतम ज्ञान के प्रकाश में मात्र निजानन्द योग ही परमधाम ले जा सकता है। प्रियतम अक्षरातीत की चितवनि में इतना आनन्द है कि उसके सामने संसार के सभी सुख मिलकर भी कहीं नहीं ठहरते। यही कारण है कि ध्यान का आनन्द पाने के लिये ही राजकुमार सिद्धार्थ, महावीर, भर्तृहरि आदि ने अपने राज-पाट को छोड़ दिया और वनों में ध्यानमग्न रहे। बेहद मण्डल - इस प्राकृतिक जगत् से परे वह बेहद मण्डल है, जिसे योगमाया का ब्रह्माण्ड कहते हैं। चारों वेदों में इसे चतुष्पाद विभूति के रूप में वर्णित किया गया है। इस मण्डल में अक्षर ब्रह्म के चारों अन्तःकरण (मन, चित, बुद्धि तथा अहंकार) की लीला होती है, जिन्हें क्रमशः अव्याकृत, सबलिक, केवल और सत्स्वरूप कहते हैं। परमधाम - बेहद मण्डल से परे वह स्वलीला अद्वैत परमधाम है, जिसके कण-कण में सच्चिदानन्द परब्रह्म की लीला होती है। यह अनादि है, अनन्त है और सच्चिदानन्दमय है। जिस प्रकार सागर अपनी लहरों से तथा चन्द्रमा अपनी किरणों लीला करता है, उसी प्रकार अक्षरातीत भी अपनी अभिन्न स्वरूपा अंगरूपा आत्माओं के साथ अद्वैत लीला करते हैं, जो अनादि है और इसमें कभी अलगाव नहीं होता है। वेदों ने इसी परमधाम के सम्बन्ध में “त्रिपादुर्ध्व उदैत्पुरुष” अर्थात् परब्रह्म योगमाया से परे है, कहकर मौन धारण कर लिया। मुण्डकोपनिषद् ने भी 'दिव्य ब्रह्मपुर' शब्द का प्रयोग तो किया, किन्तु उसे बेहद मण्डल (केवल ब्रह्म) में मान लिया। कुरआन में मेयराज के वर्णन के द्वारा संकेत किये जाने पर भी मुस्लिम जगत अभी इसकी वास्तविकता से बहुत दूर है। श्री प्राणनाथजी की अलौकिक तारतम वाणी में इस परमधाम की शोभा, लीला एवं आनन्द का विशद रूप में वर्णन किया गया है, जिसका सुख किसी सौभाग्यशाली को ही प्राप्त होता है।

Lord Prannath Vani Charcha   SHRI KULJAM SWAROOP SAHEB  3 Hrs  Non Stop LIVE Video
▶︎

Lord Prannath Vani Charcha SHRI KULJAM SWAROOP SAHEB 3 Hrs Non Stop LIVE Video

16 मई 2026
▶︎

16 मई 2026

महाभारत आश्वमेधिक पर्व अध्याय  32 -33-34  गीता ब्राह्मण धर्म और जनक जी का संवाद व उपसंहार।
▶︎

महाभारत आश्वमेधिक पर्व अध्याय 32 -33-34 गीता ब्राह्मण धर्म और जनक जी का संवाद व उपसंहार।

ई-गोष्ठी सुन्दरसाथ की शंकाओं का समाधान।  @SPJIN @shrirajanswami
▶︎

ई-गोष्ठी सुन्दरसाथ की शंकाओं का समाधान। @SPJIN @shrirajanswami

मन की पवित्रता कैसे संभव होगी ?  वक्ता- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN
▶︎

मन की पवित्रता कैसे संभव होगी ? वक्ता- श्री राजन स्वामी जी।। @SPJIN

पानी - कब, कितना, कैसे पिएं? कब्ज, शुगर, BP, IBS की जड़ पानी? | Dr Parmeshwar Arora Podcast
▶︎

पानी - कब, कितना, कैसे पिएं? कब्ज, शुगर, BP, IBS की जड़ पानी? | Dr Parmeshwar Arora Podcast

#israel #trump को बहुत जल्द क़त्ल करा सकता है #netanyahu #usa #iran #khamenei #hezbollah| EP-6589
▶︎

#israel #trump को बहुत जल्द क़त्ल करा सकता है #netanyahu #usa #iran #khamenei #hezbollah| EP-6589

Prem seva se paoge paar#deeplearning #nijanand #soulful #artificialintelligence
▶︎

Prem seva se paoge paar#deeplearning #nijanand #soulful #artificialintelligence

कौन है नागरिक, कौन नहीं इस सवाल का, कोई जवाब नहीं ! #dilsewithkapilsibal
▶︎

कौन है नागरिक, कौन नहीं इस सवाल का, कोई जवाब नहीं ! #dilsewithkapilsibal

द्वैत और अद्वैत क्या है? | नदिया एक घाट बहुतेरे |@shrirajanswami @SPJIN
▶︎

द्वैत और अद्वैत क्या है? | नदिया एक घाट बहुतेरे |@shrirajanswami @SPJIN

भ्रामक तथ्यों का निराकरण - नाम, मन्त्र, समाज विखण्डन आदि विषयों पर। आचार्य अशोक जी @SPJIN
▶︎

भ्रामक तथ्यों का निराकरण - नाम, मन्त्र, समाज विखण्डन आदि विषयों पर। आचार्य अशोक जी @SPJIN

सतलुज से सियासी लाभ की लड़ाई में आगे कौन? बीजेपी या अकाली? इसके पीछे का प्लान क्या है?
▶︎

सतलुज से सियासी लाभ की लड़ाई में आगे कौन? बीजेपी या अकाली? इसके पीछे का प्लान क्या है?

दया का सागर पुर्णब्रह्म परमात्मा हमें क्या देना चाहते है ? वक्ता:- श्री राजन स्वामी जी । @SPJIN
▶︎

दया का सागर पुर्णब्रह्म परमात्मा हमें क्या देना चाहते है ? वक्ता:- श्री राजन स्वामी जी । @SPJIN

संसार एक तमाशा | सत्य क्या है? | जीवन का रहस्य | @shrirajanswami @SPJIN
▶︎

संसार एक तमाशा | सत्य क्या है? | जीवन का रहस्य | @shrirajanswami @SPJIN

अष्टावक्र गीता का सबसे खतरनाक सत्य | 99% लोग इसे समझ ही नहीं पाए #osho #geeta #gita
▶︎

अष्टावक्र गीता का सबसे खतरनाक सत्य | 99% लोग इसे समझ ही नहीं पाए #osho #geeta #gita

2 May 2026
▶︎

2 May 2026

राजजी को कैसे पुकारें By Shri Rajan Swami Ji | Shri Prannath Ji -  @SPJIN
▶︎

राजजी को कैसे पुकारें By Shri Rajan Swami Ji | Shri Prannath Ji - @SPJIN

India Is Supplying Hardcore Criminals, US Exposes the Network, Demands Bishnoi’s Custody
▶︎

India Is Supplying Hardcore Criminals, US Exposes the Network, Demands Bishnoi’s Custody

भ्रान्तिनाशनम् ग्रंथ की रचना का उद्देश्य क्या है? 🧘🍃|#spjin #spjinmusic #pranamibhajan
▶︎

भ्रान्तिनाशनम् ग्रंथ की रचना का उद्देश्य क्या है? 🧘🍃|#spjin #spjinmusic #pranamibhajan

क्षर के पार अक्षर को समझे - nijanand ki neenv #spjin #motivation #nijanand
▶︎

क्षर के पार अक्षर को समझे - nijanand ki neenv #spjin #motivation #nijanand