निमाड़ी भजन! रंग बिरंगी छकड़ी ओ, गुरु जी म्हारा रंग बिरंगी छकड़ी !श्री मुकेश बाबा कालधा
“रंग बिरंगी छकड़ी ओ, गुरु जी म्हारा रंग बिरंगी छकड़ी!” यह भजन गुरु भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक आनंद से भरा हुआ है। गुरुजी की छाया में जीवन की यात्रा सुंदर, रंगीन और सुखमय बन जाती है। भक्ति से भरा यह गीत आपके दिल को छू लेगा और सकारात्मक ऊर्जा से भर देगा। 🔔 Subscribe करें और बेल 🔔 दबाएं ताकि आपको सभी भजन और सत्संग के अपलोड्स तुरंत मिले। 📌 Track Highlights: ✨ गुरु भक्ति का भाव ✨ लोक-संगीत का मधुर संगम ✨ श्रद्धा और आनंद से भरा प्रदर्शन

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सिंगाजी महाराज भजन | भक्ति की धारा बहाई गया रे | सरंगी का अवतार ! श्री मुकेश बाबा कालधा

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🌸 चैत को महीनों देवी जी आया | गणगौर स्पेशल भजन 2026 स्वर: मुकेश बाबा जी कालधा | Navratri Bhajan 🌸

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Nani Bai's Mayra Nimari Bhajan || I am feeling ashamed, father || Singer - Amarsingh Ji Maharaj G...

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दो दिन को मेजवान | निमाड़ी भजन | संत सिंगाजी महाराज भजन | Ramesh Ji Maharaj Bhajan 2026

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11-06-26 Sukhmani Sahib Full Path | ਸੁਖਮਨੀ ਸਾਹਿਬ ਪਾਠ | Sukhmani Sahib Da Path | Fast Sukhmani

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म्हारा गरीब की गाड़ी म बठों गुरूदेव|स्वर - दीदी श्री चेतना भारती#Hariom_Ji_Studio #हरिओम_जी_स्टूडियो

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पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपाणिया जी का कबीर भजन / Kabir Bhajan of Padmashree Prahlad Singh Tipaniya

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जय राधा माधव जय कुंज बिहारी | Jay Radha Madhav | Radha Krishna Bhajan | Lofi Devotional Song

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Live Day 4 संत सिंगाजी महाराज की दिव्य परचरी पुराण कथा कथा वाचक श्री मुकेश बाबा कालधा मो.9754620025

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निमाड़ी भजन | सिंगाजी म्हारो उजड़ी गयो रे भाग गुरु मनरंग रड धुनिधार | मुकेश जी महाराज

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You are going to a far away country 😢 || Swami, I will not be able to return here || Jigar Bhai P...

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म्हारा सतगुरु आगंन आया रे ! भजन ! सु श्री दीदी चेतना भारती

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🙏 पाप रे हरना कलयुग में संत रे आय | म्हारो मन दऊड़ी दऊड़ी सिंगाजी जाए | श्री मुकेश बाबा कालधा

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Nimadi Bhajan || Decorate the palanquin leaving your courtyard as I bid farewell || Vocals - Jiga...

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मां नर्मदा निमाड़ी भजन | रंग बिरंगी छक्ड़ी मईया जी म्हारी रंग बिरंगी छक्ड़ी | अश्विन जी यदुवंशी भजन

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संत पावणा रे आया | निमाड़ म संत पावणा आया | निमाड़ी भजन

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थारो नाव नर्मदा माई तु अमरकंटक से आई "निमाड़ी भजन" निमाड़ की माटी के गौरव श्री अश्विन जी यदुवंशी

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पीपल झर आईन पुजी जिन माता की वाडी रे वैशाख का गया दिन चार टुटी गंई दुईनकी जोडी रे - गायक अशोक यादव

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ओ भईया टुक टुक देखूं थारी वाट बिरो तो मारो नहीं आयो। कथावाचक:- जिगर भाई पटेल समराज वाले

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