माटी के शरीरिया माटी में मिल जायी ,लाल चुनरिया ओढ़ के घाटे जायी #खरहरा #मिर्जापुर

माटी के शरीरिया माटी में मिल जायी ,लाल चुनरिया ओढ़ के घाटे जायी #खरहरा #मिर्जापुर यह पंक्तियां भोजपुरी लोक दर्शन और कबीरपंथ के गहरे आध्यात्मिक भाव को समेटे हुए हैं। इसमें जीवन की नश्वरता और अंतिम सत्य को बहुत ही सरल लेकिन मर्मस्पर्शी शब्दों में व्यक्त किया गया है। ​आइए इन पंक्तियों के गहरे अर्थ को समझते हैं: ​1. "माटी के शरीरिया माटी में मिल जायी" ​यह पंक्ति याद दिलाती है कि हमारा यह शरीर पंचतत्वों (मिट्टी, पानी, अग्नि, वायु, आकाश) से बना है। मृत्यु के बाद इस नश्वर शरीर को अंततः इसी मिट्टी में विलीन हो जाना है। संसार की कोई भी धन-दौलत, रूप या पद इस अंतिम सत्य को बदल नहीं सकता। ​2. "लाल चुनरिया ओढ़ के घाटे जायी" ​यहाँ 'लाल चुनरिया' और 'घाट' (श्मशान घाट या नदी का किनारा) का प्रतीक बहुत गहरा है: ​सौभाग्य और विदाई: पारंपरिक समाज में, विशेषकर सुहागिन महिलाओं की अंतिम यात्रा में उन्हें लाल चुनरी ओढ़ाई जाती है। यह इस बात का प्रतीक है कि जीव इस दुनिया से अपने पूरे सम्मान और यात्रा को पूरा करके विदा हो रहा है। ​दुल्हन का प्रतीक: अध्यात्म में आत्मा को 'दुल्हन' और ईश्वर को 'दूल्हा' माना गया है। यह पंक्ति दर्शाती है कि आत्मा अपने इस सांसारिक चोले (शरीर) को छोड़कर, लाल चुनरी ओढ़कर अपने परमप्रिय (ईश्वर) से मिलने घाट की ओर (अंतिम यात्रा पर) जा रही है। ​एक सुंदर संदेश: ये पंक्तियां हमें उदास करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की हकीकत से रूबरू कराने के लिए हैं। जब हम यह स्वीकार कर लेते हैं कि सब कुछ यहीं छूट जाना है, तो मन का अहंकार, लोभ और द्वेष अपने आप शांत हो जाता है, और हम जीवन के हर पल को ज्यादा सादगी और प्रेम से जीना सीख जाते हैं। "दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करै न कोय। जो सुख में सुमिरन करै, तो दुःख काहे को होय॥" संत कबीरदास जी का यह दोहा सदियों से मानव स्वभाव का सबसे सटीक आईना रहा है। इसमें उन्होंने मनुष्य की उस प्रवृत्ति पर चोट की है, जहाँ हम ईश्वर या अपनी अंतरात्मा को केवल मुसीबत के समय याद करते हैं। ​आइए इसके गहरे भावार्थ और व्यावहारिक जीवन में इसके संदेश को समझते हैं: ​अर्थ और व्याख्या ​"दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करै न कोय" जब जीवन में कोई संकट, बीमारी, या असफलता आती है, तो इंसान तुरंत ईश्वर को याद करने लगता है, प्रार्थनाएं करता है और मन्नतें मांगता है। लेकिन जैसे ही जीवन में सुख, समृद्धि और अनुकूल समय आता है, वह उस परम शक्ति को भूल जाता है और सुख को अपना ही पुरुषार्थ मानकर अहंकार में डूब जाता है। ​"जो सुख में सुमिरन करै, तो दुःख काहे को होय" कबीर जी कहते हैं कि यदि व्यक्ति अपने अच्छे दिनों में भी (जब सब कुछ सही चल रहा हो) उसी श्रद्धा, विनम्रता और कृतज्ञता के साथ ईश्वर या अपनी अच्छाई को याद रखे, तो उसके जीवन में दुःख का प्रभाव ही नहीं बचेगा। ​यह दोहा हमें क्या सिखाता है? ​कृतज्ञता (Gratitude): अच्छे समय में अहंकार करने के बजाय जीवन के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। ​निरंतरता (Consistency): हमारी आस्था, साधना या अच्छे कर्म केवल स्वार्थ (संकट के समय) से प्रेरित नहीं होने चाहिए, बल्कि वे हमारे स्वभाव का हिस्सा होने चाहिए। ​संतुलन (Balance): जो इंसान सुख और दुःख दोनों स्थितियों में एक समान (स्थितप्रज्ञ) रहता है, उसे सांसारिक कष्ट कभी विचलित नहीं कर पाते। ​एक व्यावहारिक सोच: कबीरदास जी यहाँ केवल मंदिर-मस्जिद में पूजा करने की बात नहीं कर रहे हैं। 'सुमिरन' का असली अर्थ है—सत्य, करुणा और अपनी चेतना को याद रखना। अगर हम सुख के दिनों में भी होश में रहें और दूसरों की मदद करते रहें, तो बुरे वक्त का सामना करने का साहस हमें अपने आप मिल जाता है।    / @mahashakti.pith.kharahara.u.p  

☆☆ Devotees' Bhandara on the day of Navami.... #Kharhara #Mirzapur
▶︎

☆☆ Devotees' Bhandara on the day of Navami.... #Kharhara #Mirzapur

अंडा जो ,अन्दर बने डंडा!! मानव तन बेकार बा एक हरि नाम के बिना#खरहरा #मिर्जापुर
▶︎

अंडा जो ,अन्दर बने डंडा!! मानव तन बेकार बा एक हरि नाम के बिना#खरहरा #मिर्जापुर

4 June 2026
▶︎

4 June 2026

Everyone finds four gurus, but they can't find the last one? #Kharhara #Mirzapur
▶︎

Everyone finds four gurus, but they can't find the last one? #Kharhara #Mirzapur

श्री हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa Jai Hanuman Jai Shri Ram 1
▶︎

श्री हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa Jai Hanuman Jai Shri Ram 1

JAY SHREE RAMJI190 लाइव है!
▶︎

JAY SHREE RAMJI190 लाइव है!

Learn Dynamic Programming with Animations – Full Course for Beginners
▶︎

Learn Dynamic Programming with Animations – Full Course for Beginners

🚨Döpfner gegen Merz: Wie sich der Bundeskanzler von Springer gejagt fühlt I NIUS Live,  09.06.26
▶︎

🚨Döpfner gegen Merz: Wie sich der Bundeskanzler von Springer gejagt fühlt I NIUS Live, 09.06.26

LIVE Now: Expert coverage of Nvidia's Q1 earnings
▶︎

LIVE Now: Expert coverage of Nvidia's Q1 earnings

Kaal Bhairav Sadhana Real Experiences ! Aggressive Form Of Shiva । Tantra Hidden Secrets । Swami Yo
▶︎

Kaal Bhairav Sadhana Real Experiences ! Aggressive Form Of Shiva । Tantra Hidden Secrets । Swami Yo

BUNDESTAG: IS WAVING THE GERMAN FLAG BANNED?
▶︎

BUNDESTAG: IS WAVING THE GERMAN FLAG BANNED?

There are fifteen days of darkness and fifteen days of light..#Kharhara #Mirzapur
▶︎

There are fifteen days of darkness and fifteen days of light..#Kharhara #Mirzapur

🔴Live Day 01 ll  श्रीमद्भागवत कथा - रामेश्वरम धाम  ll  परमपूज्य दण्डीस्वामी डॉ.इन्दुभवानन्द तीर्थ जी
▶︎

🔴Live Day 01 ll श्रीमद्भागवत कथा - रामेश्वरम धाम ll परमपूज्य दण्डीस्वामी डॉ.इन्दुभवानन्द तीर्थ जी

Why Resume Talks With Pakistan When Hate Is Its State Policy? • #GoodMorningIndia
▶︎

Why Resume Talks With Pakistan When Hate Is Its State Policy? • #GoodMorningIndia

Karauli Sarkar Interview: करौली सरकार यमराज से करते है बात, बिना डॉक्टर करते है कैंसर का इलाज? UP
▶︎

Karauli Sarkar Interview: करौली सरकार यमराज से करते है बात, बिना डॉक्टर करते है कैंसर का इलाज? UP

श्री हनुमान चालीसा 🌺🙏| Shree Hanuman Chalisa Original Video |🙏🌺| GULSHAN KUMAR | HARIHARAN | 8K
▶︎

श्री हनुमान चालीसा 🌺🙏| Shree Hanuman Chalisa Original Video |🙏🌺| GULSHAN KUMAR | HARIHARAN | 8K

British Politics Is in MELTDOWN… Here’s Why | Aaron Bastani Meets James Butler
▶︎

British Politics Is in MELTDOWN… Here’s Why | Aaron Bastani Meets James Butler

》She who kept shaking for eight years; doctors called it an illness, while exorcists called it sp...
▶︎

》She who kept shaking for eight years; doctors called it an illness, while exorcists called it sp...

Yahoo Finance Live: Daily Market Coverage - May 19, 2026 3PM - 5PM (ET)
▶︎

Yahoo Finance Live: Daily Market Coverage - May 19, 2026 3PM - 5PM (ET)

"We are fueling a meat grinder": Klaus von Dohnanyi and Erich Vad on the Ukraine war and Europe
▶︎

"We are fueling a meat grinder": Klaus von Dohnanyi and Erich Vad on the Ukraine war and Europe