लोगों ने ईश्वर की परिभाषा ही गलत की है। सद्गुरु अभिलाष साहेब जी
लोगों ने ईश्वर की परिभाषा ही गलत की है। सद्गुरु अभिलाष साहेब जी ईश्वर कोई व्यक्ति नहीं है जो हमें सुख दुख देता है लेकिन मनुष्य ने उसे व्यक्ति रूप में मानकर उससे भोग मोक्ष मांगने लगे हैं ।ईश्वर परमात्मा व्यक्ति नहीं एक नियम है ,असली ईश्वर मनुष्य के भीतर है#बाहरी जगत में प्रकृति की अपनी गुणधर्म नियम कैसे काम करते हैं?

▶︎
स्वप्न किसे अधिक आते हैं? सद्गुरु अभिलाष साहेब जी

▶︎
अविवेक के कारण संसार आकर्षण लगता है। सद्गुरु अभिलाष साहेब जी

▶︎
मनुष्य जीवन भर बिस्तर ही बिछाता रह जाता है सुख से सो नहीं पाता है। सद्गुरु अभिलाष साहेब जी

▶︎
मेरे में सब, और मैं ही सबमें ! #paramvani / जहाँ देखो, वहाँ मैं ही हूँ !

▶︎
॥प्रवचन॥ नवधा भक्ति क्या है ? ज्ञान और वैराग्य कैसे प्राप्त करें ? व्यासानंद महाराज

▶︎
संसार में सभी लोग दुखों में जल रहे हैं | दुःख दूर करने वाला विचार#शांति और समाधान #abhilashsahebji

▶︎
क्या आत्मा प्रकाश स्वरूप है? | आत्मा शरीर में कहां रहता है #सदगुरु अभिलाष साहेब #abhilashsahebji

▶︎
🔴 जीव और ईश्वर में क्या अंतर है? | इच्छाओं का अंत ही परमात्मा की प्राप्ति #KabirVichar #Satsang #ram

▶︎
सुमिरन सूरत लगाइके मुख से कुछ ना बोलबाहर के पट बंद कर भीतर का पट खोल

▶︎
पांचों इंद्रियों का संस्कार ही मन है। सद्गुरु अभिलाष साहेब जी

▶︎
दुर्लभोपनिषद | गुरुमुख उपनिषद | गुरु उपनिषद |Durlabhopnishad | डॉ नारायण दत्त श्रीमाली जी

▶︎
ज्ञातव्य कर्तव्य और प्राप्तब्य क्या है? सद्गुरु अभिलाष साहेब जी

▶︎
कर्मों का फल कौन देता है? भगवान या प्रकृति | जीवन बदल देने वाला सत्य | Sadguru Abhilash Saheb Ji

▶︎
हम सब जीवन भर धुएं के धरहरे में बैठे रहते हैं। सद्गुरु अभिलाष साहेब जी

▶︎
मोक्ष प्राप्ति के सरल और सीधा उपाय।#श्री अभिलाष साहेब जी

▶︎
ध्यान का मतलब क्या है? | ध्यान की आवश्यकता क्यों है #abhilashsahebji #धार्मिकउपदेश #kabirvichardhara

▶︎
जीवन में उपासना का क्या महत्त्व है? सद्गुरु अभिलाष साहेब जी

▶︎
कबीरपंथ में एकता संभव है | कबीर प्रकटोत्सव-जयंती समारोह | संत-महंत ध्यान दें | संत यतींद्र साहेब

▶︎
कलह का परिणाम ! सद्गुरु अभिलाष साहेब जी

▶︎
