बनारसी #कजरी | SANJOLI PANDEY | कजरी | KAJARI | मिर्जापुरी कजरी |

#कजरी #KAJARI नगरीय सभ्यता में पले-बसे लोग भले ही अपनी सुरीली धरोहरों से दूर होते जा रहे हों, परन्तु शास्त्रीय व उपशास्त्रीय बंदिशों से रची कजरी अभी भी उत्तर प्रदेश के कुछ अंचलों की ख़ास लोक संगीत विधा है। कजरी के मूलतः तीन रूप हैं- बनारसी, मिर्जापुरी और गोरखपुरी कजरी। बनारसी कजरी अपने अक्खड़पन और बिन्दास बोलों की वजह से अलग पहचानी जाती है। इसके बोलों में अइले, गइले जैसे शब्दों का बखूबी उपयोग होता है, इसकी सबसे बड़ी पहचान ‘न’ की टेक होती है- बीरन भइया अइले अनवइया सवनवा में ना जइबे ननदी। .................. रिमझिम पड़ेला फुहार बदरिया आई गइले ननदी। विंध्य क्षेत्र में गायी जाने वाली मिर्जापुरी कजरी की अपनी अलग पहचान है। अपनी अनूठी सांस्कृतिक परम्पराओं के कारण मशहूर मिर्जापुरी कजरी को ही ज़्यादातर मंचीय गायक गाना पसन्द करते हैं। इसमें सखी-सहेलियों, भाभी-ननद के आपसी रिश्तों की मिठास और छेड़छाड़ के साथ सावन की मस्ती का रंग घुला होता है- पिया सड़िया लिया दा मिर्जापुरी पिया रंग रहे कपूरी पिया ना जबसे साड़ी ना लिअईबा तबसे जेवना ना बनईबे तोरे जेवना पे लगिहैं मजूरी पिया रंग रहे कपूरी पिया ना। विंध्य क्षेत्र में पारम्परिक कजरी धुनों में झूला झूलती और सावन भादो मास में रात में चौपालों में जाकर स्त्रियाँ उत्सव मनाती हैं। इस कजरी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पीढ़ी दर पीढ़ी चलती हैं और इसकी धुनों व पद्धति को नहीं बदला जाता। कजरी गीतों की ही तरह विंध्य क्षेत्र में कजरी अखाड़ों की भी अनूठी परम्परा रही है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गुरू पूजन के बाद इन अखाड़ों से कजरी का विधिवत गायन आरम्भ होता है। स्वस्थ परम्परा के तहत इन कजरी अखाड़ों में प्रतिद्वंदिता भी होती है। कजरी लेखक गुरु अपनी कजरी को एक रजिस्टर पर नोट कर देता है, जिसे किसी भी हालत में न तो सार्वजनिक किया जाता है और न ही किसी को लिखित रूप में दिया जाता है। केवल अखाड़े का गायक ही इसे याद करके या पढ़कर गा सकता है- कइसे खेलन जइबू सावन में कजरिया बदरिया घिर आईल ननदी संग में सखी न सहेली कईसे जइबू तू अकेली गुंडा घेर लीहें तोहरी डगरिया। बनारसी और मिर्जापुरी कजरी से परे गोरखपुरी कजरी की अपनी अलग ही टेक है और यह ‘हरे रामा‘ और ‘ऐ हारी‘ के कारण अन्य कजरी से अलग पहचानी जाती है- हरे रामा, कृष्ण बने मनिहारी पहिर के सारी, ऐ हारी। सावन की अनुभूति के बीच भला किसका मन प्रिय मिलन हेतु न तड़पेगा, फिर वह चाहे चन्द्रमा ही क्यों न हो- चन्दा छिपे चाहे बदरी मा जब से लगा सवनवा ना। विरह के बाद संयोग की अनुभूति से तड़प और बेक़रारी भी बढ़ती जाती है। फिर यही तो समय होता है इतराने का, फरमाइशें पूरी करवाने का- पिया मेंहदी लिआय दा मोतीझील से .जायके साइकील से ना पिया मेंहदी लिअहिया छोटकी ननदी से पिसईहा अपने हाथ से लगाय दा कांटा-कील से जायके साइकील से। .................. धोतिया लइदे बलम कलकतिया जिसमें हरी-हरी पतियाँ। ऐसा नहीं है कि कजरी सिर्फ़ बनारस, मिर्जापुर और गोरखपुर के अंचलों तक ही सीमित है बल्कि इलाहाबाद और अवध अंचल भी इसकी सुमधुरता से अछूते नहीं हैं। कजरी सिर्फ़ गाई नहीं जाती बल्कि खेली भी जाती है। एक तरफ जहाँ मंच पर लोक गायक इसकी अद्भुत प्रस्तुति करते हैं वहीं दूसरी ओर इसकी सर्वाधिक विशिष्ट शैली ‘धुनमुनिया’ है, जिसमें महिलायें झुक कर एक दूसरे से जुड़ी हुयी अर्धवृत्त में नृत्य करती हैं। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ अंचलों में तो रक्षाबन्धन पर्व को ‘कजरी पूर्णिमा’ के तौर पर भी मनाया जाता है। मानसून की समाप्ति को दर्शाता यह पर्व श्रावण अमावस्या के नवें दिन से आरम्भ होता है, जिसे ‘कजरी नवमी’ के नाम से जाना जाता है। कजरी नवमी से लेकर कजरी पूर्णिमा तक चलने वाले इस उत्सव में नवमी के दिन महिलायें खेतों से मिट्टी सहित फ़सल के अंश लाकर घरों में रखती हैं एवं उसकी साथ सात दिनों तक माँ भगवती के साथ कजमल देवी की पूजा करती हैं। घर को ख़ूब साफ-सुथरा कर रंगोली बनायी जाती है और पूर्णिमा की शाम को महिलायें समूह बनाकर पूजी जाने वाली फसल को लेकर नजदीक के तालाब या नदी पर जाती हैं और उस फसल के बर्तन से एक दूसरे पर पानी उलचाती हुई कजरी गाती हैं। इस उत्सवधर्मिता के माहौल में कजरी के गीत सातों दिन अनवरत् गाये जाते हैं। कजरी लोक संस्कृति की जड़ है और यदि हमें लोक जीवन की ऊर्जा और रंगत बनाये रखना है तो इन तत्वों को सहेज कर रखना होगा। कजरी भले ही पावस गीत के रूप में गायी जाती हो पर लोक रंजन के साथ ही इसने लोक जीवन के विभिन्न पक्षों में सामाजिक चेतना की अलख जगाने का भी कार्य किया है। उपभोक्तावादी बाज़ार के ग्लैमरस दौर में कजरी भले ही कुछ क्षेत्रों तक सिमट गई हो पर यह प्रकृति से तादातम्य का गीत है और इसमें कहीं न कहीं पर्यावरण चेतना भी मौजूद है। इसमें कोई शक नहीं कि सावन प्रतीक है सुख का, सुन्दरता का, प्रेम का, उल्लास का और इन सब के बीच कजरी जीवन के अनुपम क्षणों को अपने में समेटे यूं ही रिश्तों को खनकाती रहेगी और झूले की पींगों के बीच छेड़-छाड़ व मनुहार यूँ ही लुटाती रहेगी। कजरी हमारी जनचेतना की परिचायक है और जब तक धरती पर हरियाली रहेगी कजरी जीवित रहेगी। अपनी वाच्य परम्परा से जन-जन तक पहुँचने वाले कजरी जैसे लोकगीतों के माध्यम से लोकजीवन में तेज़ी से मिटते मूल्यों को भी बचाया जा सकता है। बनारस और मिर्जापुर में कजरी को पर्याप्त संरक्षण मिला, जिससे यह खूब विकसित हुई। बनारस के संगीतकारों ने इस क्षेत्र के प्रचलित लोकगीतों की तरह कजरी को भी शास्त्रीय सुरों में ढालकर उपशास्त्रीय गायन की एक नई विधा विकसित की जो काफी लोकप्रिय हुई। धीरे-धीरे इस लोकगीत की लोकप्रियता ग्राम्यांचलों में भी कम हो रही है। लोकसंगीत एवं लोकसंस्कृति के प्रमुख अंग के रूप में कजरी भी लुप्त होने के कगार पर है। इस लोक संस्कृति की रक्षा इससे जुड़ कर ही की जा सकती है।

#कजरी |धनि हो खोला न हो केवड़िया हम बिदेसवा जइबे न | #kajari | sanjoli pandey
▶︎

#कजरी |धनि हो खोला न हो केवड़िया हम बिदेसवा जइबे न | #kajari | sanjoli pandey

#Kajari #कजरी ||#राधा_मौर्या के स्वर में रोमांटिक कजरी बिंदिया लूटे बलम के निदिया सुनकर आनन्द लीजिए
▶︎

#Kajari #कजरी ||#राधा_मौर्या के स्वर में रोमांटिक कजरी बिंदिया लूटे बलम के निदिया सुनकर आनन्द लीजिए

सैयाँ के बदलल मनवा |  Bhojpuri Sad Song 2026 | टूटल सपना के नाता | सैयाँ के बदलल मनवा
▶︎

सैयाँ के बदलल मनवा | Bhojpuri Sad Song 2026 | टूटल सपना के नाता | सैयाँ के बदलल मनवा

गरीब किसान की बेटी बनी IAS | Hindi Story | Hindi Kahaniya | Animated Stories
▶︎

गरीब किसान की बेटी बनी IAS | Hindi Story | Hindi Kahaniya | Animated Stories

कोयल बिन बगिया ना शोभे राजा | Dimpal Bhumi 🔥 लोकगीत By Dimpal Bhumi 🔥 Koyal Bin Bagiya
▶︎

कोयल बिन बगिया ना शोभे राजा | Dimpal Bhumi 🔥 लोकगीत By Dimpal Bhumi 🔥 Koyal Bin Bagiya

कोयल बिना बगिया ना शोभे राजा! Koyal Bina bagiya na sobhe raja$staj program
▶︎

कोयल बिना बगिया ना शोभे राजा! Koyal Bina bagiya na sobhe raja$staj program

Anguri Mein Das Le Biya Naginiya | Bhojpuri Folk Song | Deepali Sahay | Mahendar Misir
▶︎

Anguri Mein Das Le Biya Naginiya | Bhojpuri Folk Song | Deepali Sahay | Mahendar Misir

JUKEBOX #कजरी || धीरे धीरे पऊवां धरा मोरी धनिया #ANJU UPADHYAY AMRIT / हरे रामा मोहन बने मनिहारि
▶︎

JUKEBOX #कजरी || धीरे धीरे पऊवां धरा मोरी धनिया #ANJU UPADHYAY AMRIT / हरे रामा मोहन बने मनिहारि

#bhojpuri पूर्वी गीत | Bhojpuri Purvi Geet | Rani Thakur | 2026
▶︎

#bhojpuri पूर्वी गीत | Bhojpuri Purvi Geet | Rani Thakur | 2026

#Video | झलुवा बंद करा बनवारी | #Vandana Dubey #Jhullur Dada | कजरी | Kajari Song 2024
▶︎

#Video | झलुवा बंद करा बनवारी | #Vandana Dubey #Jhullur Dada | कजरी | Kajari Song 2024

जब बहनों ने मांगा अपना हक | कोर्ट में सुनाया गया ऐसा फैसला जिसने सबको चौंका दिया | Emotional Story |
▶︎

जब बहनों ने मांगा अपना हक | कोर्ट में सुनाया गया ऐसा फैसला जिसने सबको चौंका दिया | Emotional Story |

सवाल जवाब – मजेदार Dhobi Geet 2025 | कहवां कऽ गोर मरद कहवां कऽ करिया | Khushboo Raj, Sunita Yadav
▶︎

सवाल जवाब – मजेदार Dhobi Geet 2025 | कहवां कऽ गोर मरद कहवां कऽ करिया | Khushboo Raj, Sunita Yadav

मिर्जापुरी #कजरी | कइसे खेलन जइबू सावन में कजरिया | sanjoli pandey | #kajari
▶︎

मिर्जापुरी #कजरी | कइसे खेलन जइबू सावन में कजरिया | sanjoli pandey | #kajari

#bhojpuri लाले लाले होठवा से बरसे ललैया | lale lale hothwa se barse laliya | dimpal bhumi ghazal
▶︎

#bhojpuri लाले लाले होठवा से बरसे ललैया | lale lale hothwa se barse laliya | dimpal bhumi ghazal

KAJARI | कजरी गीत | बघेली लोकगीत कजरी by yagya Narayan kushwaha
▶︎

KAJARI | कजरी गीत | बघेली लोकगीत कजरी by yagya Narayan kushwaha

Manoj Tiwari Kajari Song | पिया मेहंदी लिया द मोती झील से #मनोज_तिवारी कजरी | #manojtiwaristageshow
▶︎

Manoj Tiwari Kajari Song | पिया मेहंदी लिया द मोती झील से #मनोज_तिवारी कजरी | #manojtiwaristageshow

कजरी || धीरे-धीरे पऊॅवां धरा हो मोरी धनिया गोड़े घुघुरवा बाजेना#अंजूउपाध्याय अमृत/सासू भरावें पनिया
▶︎

कजरी || धीरे-धीरे पऊॅवां धरा हो मोरी धनिया गोड़े घुघुरवा बाजेना#अंजूउपाध्याय अमृत/सासू भरावें पनिया

मनमोहक वर्षा गीत/हिंदुली/कजरी/वर्षागीत/मौसमी गीत
▶︎

मनमोहक वर्षा गीत/हिंदुली/कजरी/वर्षागीत/मौसमी गीत

#मिर्जापुरी #कजरी कचौड़ी गली सून कइला | #kajari | sanjoli pandey
▶︎

#मिर्जापुरी #कजरी कचौड़ी गली सून कइला | #kajari | sanjoli pandey

सावन स्पेशल कजरी || Anjali Jain || सावन की सुपर हिट Songs 2021
▶︎

सावन स्पेशल कजरी || Anjali Jain || सावन की सुपर हिट Songs 2021