रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 26 - श्री कृष्ण ने उठाया गोवर्धन पर्वत को एक उँगली पर
• रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 3 - राजा उ... ________________________________________________________________________________________ Ramanand Sagar's Shree Krishna Episode 26 - Shri Krishna raised the Govardhan mountain on a finger नंदराय बलराम जी और श्री कृष्ण को संकट से बचाने हेतु महात्मा ऋषियों के सुझाव पर श्री कृष्ण के तुलादान पर आयोजित भोज में बरसाने के मुखिया वृषभानु को भी आमंत्रित करते है। वृषभानु अपनी पुत्री राधा जी के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिये आते है। मंत्रोत्चार के साथ तुलादान का कार्यक्रम प्रारम्भ होता है। पुरोहित तुला के एक पलड़े में दान की जाने विभिन्न सामग्री रखे जाने के बाद दूसरे पलड़े में श्री कृष्ण को बैठने के लिये कहते है। श्री कृष्ण के दूसरे पलड़े पर बैठने पर वह पलड़ा नीचा हो जाता है तब नंदराय जी दूसरे पलड़े में और अधिक आभूषण रख कर दोनों पलड़ों को बराबर करना चाहते है, लेकिन कई प्रयासों के बाद भी जब दोनों पलड़े बराबर नहीं होते है तो बलराम जी राधा जी के बालों की पुष्प माला में एक पुष्प दूसरे पलड़े में डाल देते है। दोना पलड़े बराबर हो जाते है, यह देख सब चकित हो जाते है। इस पर श्री कृष्ण राधा जी से कहते है कि धरती में यह उनकी पहली हार थी क्योंकि वह भावना के मूल्य में ही बिक जाते है। राधा जी श्री कृष्ण को एक बार बरसाने आने के लिये कह कर अपने पिता के साथ बरसाना वापस चली जाती है। एक दिन नंदराय जी देवराज इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिये पूजा का आयोजन करते है। जिसको महामुनि अभिलष द्वारा करायी जा रही थी। इस पूजन के बारे में श्री कृष्ण अपने बाबा नंदराय से प्रश्न करते है क्योंकि उनके अनुसार तो इंद्र के एक विलासी देवता है। इस पर नंदराय जी कहते है कि देवताओं के बारे में ऐसा नहीं कहते है और इंद्र तो मेघों के स्वामी है। मेघ जो जल बरसाते है उसी जल से अन्न की उत्पत्ति होती है इसलिये हम सब इंद्र को प्रसन्न करने के लिये उनकी पूजा करते है और अगर हम उनकी पूजा नहीं करेंगे तो इंद्र देव क्रोधित हो जायेंगे। लेकिन श्री कृष्ण इंद्र की पूजा करने के लिये मना करते है क्योंकि ऐसे निर्दयी की पूजा नहीं करनी चाहिये, भगवान तो वह होता है जो अपने भक्तों की भूल को क्षमा करता है तथा दयालु हो। जो जैसा कर्म करता है उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है, इसलिये किसी इंद्र इतनी शक्ति नहीं कि निश्चित समय से पहले वह किसी प्राणी को मार सके। श्री कृष्ण महामुनि के इष्टदेव के बारे में प्रश्न करते है तो इस पर महामुनि उत्तर देते है कि जिसके द्वारा मनुष्य के संसारिक कार्य सिद्ध होते है वही उसके इष्टदेव होते है। महामुनि के उत्तर सुन श्री कृष्ण कहते है कि इस प्रकार से ग्वालों की आजीविका चलाने वाली तो गाय होती है, इसलिये हमारी इष्टदेवी तो गऊमाता ही होनी चाहिये और गायों के भरणपोषण अपनी घास, जल व फलों से करने वाले गोवर्धन पर्वत ही हमारे इष्टदेव। श्री कृष्ण की उत्तर सुन महामुनि समस्त गोकुल वासियों के इंद्र के स्थान पर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिये कहते है। गोवर्धन पर्वत की पूजा पूरे विधि विधान से की जाती है और इस पर प्रसन्न होकर स्वयं प्रकट हो गोवर्धन पर्वत उनके द्वारा लाये गये भोग की ग्रहण करते है। देवराज इंद्र को नंदराय के पुत्र श्री कृष्ण द्वारा उनके स्थान पर गाय और गोवर्धन पर्वत की पूजा कराये जाने की सूचना प्राप्त होती है। घमंड स्वरूप इंद्र क्रोधित हो मेधों के नायक सावर्तक को तुरंत उपस्थित करने का आदेश देते है क्योंकि उन्हें श्री कृष्ण द्वारा अपना अनादर करना अच्छा नहीं लगता है। इंद्र का आदेश पाते सावर्तक को गोकुल में प्रलय के बादलों द्वारा सर्वनाश करने के लिये निकल पड़ता है और उसकी मदद के लिये स्वयं इंद्र भी अपने वाहक ऐरावत उसके पीछे चल देते है। Produced - Ramanand Sagar / Subhash Sagar / Pren Sagar निर्माता - रामानन्द सागर / सुभाष सागर / प्रेम सागर Directed - Ramanand Sagar / Aanand Sagar / Moti Sagar निर्देशक - रामानन्द सागर / आनंद सागर / मोती सागर Chief Asst. Director - Yogee Yogindar मुख्य सहायक निर्देशक - योगी योगिंदर Asst. Directors - Rajendra Shukla / Sridhar Jetty / Jyoti Sagar सहायक निर्देशक - राजेंद्र शुक्ला / सरिधर जेटी / ज्योति सागर Screenplay & Dialogues - Ramanand Sagar पटकथा और संवाद - संगीत - रामानन्द सागर Camera - Avinash Satoskar कैमरा - अविनाश सतोसकर Music - Ravindra Jain संगीत - रविंद्र जैन Lyrics - Ravindra Jain गीत - रविंद्र जैन Playback Singers - Suresh Wadkar / Hemlata / Ravindra Jain / Arvinder Singh / Sushil पार्श्व गायक - सुरेश वाडकर / हेमलता / रविंद्र जैन / अरविन्दर सिंह / सुशील Editor - Girish Daada / Moreshwar / R. Mishra / Sahdev संपादक - गिरीश दादा / मोरेश्वर / आर॰ मिश्रा / सहदेव Cast / पात्र Sarvadaman D. Banerjee सर्वदमन डी. बनर्जी Swapnil Joshi स्वप्निल जोशी Ashok Kumar अशोक कुमार बालकृष्णन Deepak Deulkar दीपक डेओलकर Sanjeev Sharma संजीव शर्मा Pinky Parikh पिंकी पारिख Reshma Modi रेशमा मोदी Shweta Rastogi श्वेता रस्तोगी Paulomi Mukherjee पौलोमी मुखर्जी Sunil Pandey सुनील पांडेय Damini Kanwal दामिनी कँवल Sulakshana Khatri सूलक्षणा खत्री Shahnawaz Pradhan शाहनवाज़ प्रधान Vilas Raj विकास राज Sandeep Mohan संदीप मोहन Mona Parekh मोना पारेख़ Shashi Sharma शशि शर्मा Deepak Dave दीपक दवे Sagar Saini सागर सैनी Vijay Kavish विजय कविश Amit Pachori अमित पचोरि Pramod Kapoor प्रमोद कपूर In association with Divo - our YouTube Partner #shreekrishna #shreekrishnakatha #krishna

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