श्री कृष्ण ने किया कंस का वध, उग्रसेन पुनः मथुरा के बने राजा

मथुरा की रंगशाला में जब कंस प्रवेश करता है, तो उसके स्वागत के जय-जयकार से रंगशाला गूंज उठती है। पूरे नगर में उत्सुकता है कि आज कौन-सा दृश्य घटित होने वाला है। तभी चाणुर कंस के कान में आकर बताता है कि विशाल हाथी कुबलयापीड़ मारा जा चुका है। यह सुनते ही कंस के चेहरे का रंग उड़ जाता है। अब उसकी कृष्ण-वध की पूरी योजना अपने चार पहलवानों पर निर्भर रह जाती है। नंदराय के आगमन पर कंस उन्हें आसन और आदर देता है। कुछ क्षणों बाद कंधों पर मारे गए हाथी के विशाल दांत लटकाए हुए श्रीकृष्ण और बलराम भी रंगशाला में प्रवेश करते हैं। रंगशाला में उपस्थित जनसमूह उन दोनों के रूप और तेज से अभिभूत हो जाता है। कंस श्री कृष्ण को राज सभा की मर्यादा न पालन करने के लिए टोकता है, तो श्री कृष्ण उससे कहते है कि मेहमान का पहले अभिवादन करना आपका धर्म है। वैसे भी हम मार्ग में एक पागल हाथी को मारकर उसके दांत आपको भेंट स्वरूप देने के लिए लाए हैं। यह देख कंस अपनी कुटिल बुद्धि का प्रयोग करता है और श्री कृष्ण से चारों पहलवानों में से किसी के एक साथ मल्लयुद्ध करके अपनी वीरता का प्रदर्शन सबके सामने करने के लिए कहता है। श्री कृष्ण पहले मना करते हैं, लेकिन जब पहलवानों की हँसी और व्यंग्य से रंगशाला गूंजने लगती है। तब श्री कृष्ण कहते हैं, मल्लयुद्ध बराबरी के दो योद्धाओं में होता है, हमारे शरीर आपसे छोटे हैं। यह सुन जनता कंस के अन्याय का विरोध करने लगती है। अक्रूर और कई राजकुमार भी इसका विरोध करते हैं, लेकिन कंस अपनी कुटिलता से कहता है - जिसने पर्वत उठाया और दैत्यों का संहार किया, उसे छोटा बालक कहना उसकी वीरता का अपमान है। जिसे हम वीरता की पदवी प्रदान करने जा रहे है, उसकी वीरता के प्रदर्शन प्रजा को अपनी आँखों से देखना चाहिए। यह सुन अक्रूर और उसके समर्थक अपनी तलवारें निकाल लेते है, लेकिन श्री कृष्ण उन्हें शांत रहने के लिए कहते है और साथ ही इसे राजा की आज्ञा मानकर अपने कर्तव्य का अवश्य करने की घोषणा करते है। सबसे पहले मल्लयुद्ध के लिए मुष्टिक पहलवान अखाड़े में उतरता है, जो कुछ ही क्षणों में कृष्ण के प्रहार से मारा जाता है। दूसरा पहलवान बलराम के प्रचंड आघात से धराशायी हो जाता है। एक-एक कर चारों पहलवान मारे जाते हैं। जिससे कंस भयभीत हो उठता है और सैनिकों को कृष्ण को मारने का आदेश देता है। चारों ओर युद्ध का शोर गूंज उठता है, परंतु कृष्ण सिंहासन पर छलाँग लगाकर कंस के समक्ष पहुँच जाते हैं। वह कहते है - अब भी समय है, शरण में आ जाओ। पर कंस अहंकार में कहता है - मैं मर जाऊँगा, पर झुकूँगा नहीं। भीषण युद्ध में कंस कृष्ण के हाथों मारा जाता है, चाणुर बलराम से और सेनापति अक्रूर द्वारा। चारों ओर कंस के समर्थक सैनिकों के शव बिखरे पड़े होते है। नगर में श्री कृष्ण की जय-जयकार होने लगती है। कृष्ण व बलराम कारागार पहुँचकर अपने माता-पिता देवकी और वसुदेव को मुक्त कराते हैं। देवकी अश्रुपूरित नेत्रों से यशोदा को वास्तविक माँ घोषित करती हैं। इसके बाद श्री कृष्ण नाना उग्रसेन को कारागार से मुक्त कर सिंहासन पर पुनः विराजमान कराते हैं। कंस के अन्याय से मुक्ति पा चुके मथुरावासी उत्सव में डूब जाते है तथा अपने राजा और तारणहार के लिए अभिनंदन गीतों का गायन करते हैं। सम्पूर्ण जगत में भगवान विष्णु के आठवें अवतार एवं सोलह कलाओं के स्वामी भगवान श्री कृष्ण काजीवन धर्म, भक्ति, प्रेम, और नीति का अद्भुत संगम है। वसुदेव और देवकी के पुत्र के रूप में कारागार में जन्म लेकर गोकुल की गलियों में यशोदा और नंदबाबा के यहाँ पलने वाले, अपनी लीलाओं, जैसे पूतना वध, माखन चोरी, राधा के संग प्रेम, गोपियों के साथ रासलीला और कालिया नाग के दमन के लिए प्रसिद्ध श्री कृष्ण ने युवावस्था में मथुरा कंस का वध करके जनमानस को उसके अत्याचार से मुक्त कराया एवं स्वयं के लिए द्वारका नगरी स्थापना भी की। उनका जीवन केवल लीलाओं तक सीमित नहीं था। उन्होंने समाज को धर्म और कर्म का गूढ़ संदेश देने के लिए महाभारत के युद्ध में पांडवों का मार्गदर्शन किया और अर्जुन के सारथी बनकर उसे ""श्रीमद्भगवद्गीता"" का उपदेश दिया, जो आज भी जीवन की समस्याओं का समाधान बताने वाला महान ग्रंथ माना जाता है। श्री कृष्ण का जीवन प्रेम, त्याग, और नीति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। आपका प्रिय चैनल ""तिलक"" श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ा यह विशेष संस्करण ""श्री कृष्ण जीवनी"" आपके समक्ष प्रस्तुत है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ी कथाओं का संकलन किया गया है। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिए और तिलक से जुड़े रहिए। #tilak #krishna #shreekrishna #shreekrishnajeevani #krishnakatha

नन्दबाबा की विदाई के उपरांत श्री कृष्ण और बलराम चले महर्षि सान्दीपनि के आश्रम | श्री कृष्ण जीवनी
▶︎

नन्दबाबा की विदाई के उपरांत श्री कृष्ण और बलराम चले महर्षि सान्दीपनि के आश्रम | श्री कृष्ण जीवनी

श्रीकृष्ण ने कालयवन का अंत करने के लिए मुचुकुन्द के वरदान का किया प्रयोग | Shri Krishna Jeevani
▶︎

श्रीकृष्ण ने कालयवन का अंत करने के लिए मुचुकुन्द के वरदान का किया प्रयोग | Shri Krishna Jeevani

The Brilliant Hidden Details Maybe You Missed In 3 Idiots
▶︎

The Brilliant Hidden Details Maybe You Missed In 3 Idiots

विराट युद्ध से पहले अर्जुन ने किसे प्रणाम किया? | Mahabharat (महाभारत) Scene | BR Chopra | PenBhakti
▶︎

विराट युद्ध से पहले अर्जुन ने किसे प्रणाम किया? | Mahabharat (महाभारत) Scene | BR Chopra | PenBhakti

गरुड़ को हुआ अहंकार | लव कुश लीला | Ramayan Katha
▶︎

गरुड़ को हुआ अहंकार | लव कुश लीला | Ramayan Katha

एक किसान ने भगवान् नारायण से जुतवाया पूरा खेत Kisan Aur Bhagwan दारा सिंह का जबरदस्त क्लाईमेक्स सीन
▶︎

एक किसान ने भगवान् नारायण से जुतवाया पूरा खेत Kisan Aur Bhagwan दारा सिंह का जबरदस्त क्लाईमेक्स सीन

शिशुपाल वध और नर-नारायण की कथा: श्रीकृष्ण के न्याय और धर्म की अद्भुत गाथा | श्री कृष्ण महिमा
▶︎

शिशुपाल वध और नर-नारायण की कथा: श्रीकृष्ण के न्याय और धर्म की अद्भुत गाथा | श्री कृष्ण महिमा

Bhasmasur (भस्मासुर) | New Shiv Bhakti Movie Bhole Bhandaari Leela 2024
▶︎

Bhasmasur (भस्मासुर) | New Shiv Bhakti Movie Bhole Bhandaari Leela 2024

श्रीकृष्ण और बलराम ने जरासंध को सेना सहित किया पराजित | श्री कृष्ण जीवनी
▶︎

श्रीकृष्ण और बलराम ने जरासंध को सेना सहित किया पराजित | श्री कृष्ण जीवनी

सती अनसूया कथा। माता अनसूया की कुटिया में ब्रह्मा विष्णु महेश ने क्यों लिया जन्म @shivkatha9
▶︎

सती अनसूया कथा। माता अनसूया की कुटिया में ब्रह्मा विष्णु महेश ने क्यों लिया जन्म @shivkatha9

श्री कृष्ण लीला | श्री कृष्ण ने मिलाया देवकी वासुदेव को उनके सातों पुत्रों से
▶︎

श्री कृष्ण लीला | श्री कृष्ण ने मिलाया देवकी वासुदेव को उनके सातों पुत्रों से

कौरवों ने मत्स्यदेश पर हमला क्यों किया था? | Mahabharat Stories | B. R. Chopra | EP – 59
▶︎

कौरवों ने मत्स्यदेश पर हमला क्यों किया था? | Mahabharat Stories | B. R. Chopra | EP – 59

कृष्ण बलराम को योग ज्ञान और मथुरा युद्ध | श्री कृष्ण महाएपिसोड
▶︎

कृष्ण बलराम को योग ज्ञान और मथुरा युद्ध | श्री कृष्ण महाएपिसोड

Kabhe Khushi kabhie Ghum Full_Hindi_Movie Hd 720_rip #Amitab_Bachchan _ 2014# Manish jaiswal_#
▶︎

Kabhe Khushi kabhie Ghum Full_Hindi_Movie Hd 720_rip #Amitab_Bachchan _ 2014# Manish jaiswal_#

विश्वकर्मा ने द्वारिका नगरी का किया निर्माण, श्रीकृष्ण ने किया मथुरा का त्याग | Shri Krishna Jeevani
▶︎

विश्वकर्मा ने द्वारिका नगरी का किया निर्माण, श्रीकृष्ण ने किया मथुरा का त्याग | Shri Krishna Jeevani

श्री कृष्ण बने गोवर्धन भगवान | श्री कृष्ण लीला
▶︎

श्री कृष्ण बने गोवर्धन भगवान | श्री कृष्ण लीला

भगवान विष्णु वामन अवतार | तीन पग भूमि दान में भगवान ने तीनों लोकों को नाप लिया | विष्णु पुराण
▶︎

भगवान विष्णु वामन अवतार | तीन पग भूमि दान में भगवान ने तीनों लोकों को नाप लिया | विष्णु पुराण

Cover-up Underway At Ayodhya? | Who Allowed Temple Loot In The Name Of Bhagwan Ram? | Akash Banerjee
▶︎

Cover-up Underway At Ayodhya? | Who Allowed Temple Loot In The Name Of Bhagwan Ram? | Akash Banerjee

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 59 - श्री कृष्ण और बलराम का जरासंध के साथ युद्ध
▶︎

रामानंद सागर कृत श्री कृष्ण भाग 59 - श्री कृष्ण और बलराम का जरासंध के साथ युद्ध

श्रीकृष्ण ने किया रुक्मिणी का वरण, श्रीकृष्ण से युद्ध में रुक्मि हुआ पराजित | श्री कृष्ण जीवनी
▶︎

श्रीकृष्ण ने किया रुक्मिणी का वरण, श्रीकृष्ण से युद्ध में रुक्मि हुआ पराजित | श्री कृष्ण जीवनी