मृत्यु के बाद साक्षात प्रकट हुए गुरु! श्री युक्तिश्वर गिरी जी के 'हिरण्य लोक' का रहस्यमय सच
श्री युक्तेश्वर गिरि (1855–1936) भारत के एक महान योगी, सन्यासी और आध्यात्मिक गुरू थे। उन्हें ज्ञानावतार (ज्ञान के अवतार) कहा जाता है। वे परमहंस योगानंद और स्वामी सत्यानन्द गिरि के गुरु थे तथा क्रियायोग परम्परा में लाहिड़ी महाशय के शिष्य थे। अपने जीवनकाल में उन्होंने पूर्व और पश्चिम की आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक विरासत को जोड़ने का प्रयास किया और ‘कैवल्य दर्शनम्’ (अंग्रेज़ी में The Holy Science) जैसी अद्वितीय पुस्तक की रचना की। यह कथा-शैली जीवनी साधकों व संतों की गाथा सुनने के इच्छुक पाठकों के लिए प्रस्तुत है, जिसमें श्री युक्तेश्वर के जीवन की घटनाएँ, उनकी साधना, चमत्कार, गुरु-शिष्य सम्बन्ध, आश्रम, उनकी लिखी पुस्तक का सार, हिमालय के रहस्यस्थलों से जुड़े प्रसंग तथा उनकी शिष्य परम्परा का वर्णन संतुलित ढंग से किया गया है। ✅Book :https://amzn.to/4sJwErj ✅The Holy Science : https://amzn.to/4pFr6LD महत्वपूर्ण लिंक और संदर्भ: ✅https://siddhsantokikhoj.com/ ✅ / amsugyan (support) ✅📞 संपर्क करें: 📲 WhatsApp : +91 8235434101 🔗 https://wa.me/message/TLEFDTH3HEN3P1 (click to message) ✅Email : [email protected] Social Media : ✅Siddh Sant Book : https://www.amazon.in/shop/siddhsanto... ✅ Telegram Page: https://t.me/amsugyan (Pdf is here) ✅ / amsugyan ✅ / amsugyan ✅ Akhand Ram Naam : https://t.me/akhandramnaam Video Chapters (Timestamps): 00:00 – श्री युक्तिश्वर गिरी जी: ज्ञानावतार का परिचय 01:00 – प्रारंभिक जीवन और प्रियनाथ का सन्यास तक का सफर 02:15 – सांसारिक वैराग्य और सत्य की खोज 03:45 – गुरु प्राप्ति: लाहड़ी महाशय से भेंट और क्रिया योग दीक्षा 05:15 – स्वामी श्री युक्तिश्वर गिरी: सन्यास और कठोर अनुशासन 06:40 – कुंभ मेले में महावतार बाबा जी से रहस्यमय भेंट 07:45 – 'The Holy Science' (कैवल्य दर्शनम) की रचना का रहस्य 09:30 – पूर्व और पश्चिम के आध्यात्मिक सेतु: बाबा जी का मिशन 10:30 – आश्रम स्थापना: प्रियाधाम और पूरी का करार आश्रम 12:30 – एक क्रांतिकारी गुरु: ज्योतिष और आधुनिक विज्ञान का ज्ञान 14:15 – प्रशिक्षण की कठोर शैली और गुरु की छिपी हुई करुणा 16:30 – गुरु का सिद्धांत: आत्म-सिद्धि के लिए पुरुषार्थ की आवश्यकता 18:40 – परमहंस योगानंद जी से मिलन: एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक भेंट 21:00 – योगानंद जी की तैयारी और पश्चिम में योग का प्रसार 22:50 – प्रमुख शिष्य और क्रिया योग परंपरा का विस्तार 25:50 – अंतिम समय और 1936 में महासमाधि 28:15 – पुनर्जीवन का चमत्कार: योगानंद जी के सामने साक्षात प्रकटीकरण 29:50 – हिरण्य लोक (Astral World) का अद्भुत रहस्य 31:30 – शरीर के तीन आवरण: स्थूल, सूक्ष्म और कारण शरीर 33:30 – श्री युक्तिश्वर गिरी जी की अमर विरासत और आज का प्रभाव 38:40 – निष्कर्ष: एक पूर्ण गुरु की शिक्षाएं #SriyukteswarGiri #ParamahansaYogananda #TheHolyScience #siddhsantBiography #YogaSecrets #Hiranyaloka #yukteshwargiri #yodanandaguru Disclaimer Voice Credit: इस वीडियो में उपयोग की गई आवाज़ (Voice-over) पूरी तरह से मेरी अपनी है। मेरा उद्देश्य इन महान संतों की दिव्य जीवन गाथा और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाना और समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना है। Content & Source: यह वीडियो स्वामी श्री युक्तिश्वर गिरी जी के जीवन पर आधारित एक शोधपरक प्रस्तुति है। वीडियो की स्क्रिप्ट तैयार करने में विभिन्न प्रमाणिक पुस्तकों और लेखों की सहायता ली गई है, जिनका विवरण नीचे दिया गया है। हमारा उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि महान ऋषियों की विरासत को संजोना है। Credits & Sources (संदर्भ और आभार) इस जीवनी में निहित तथ्य परमहंस योगानन्द द्वारा रचित “Autobiography of a Yogi” (योगी कथामृत) तथा स्वामी सत्यानन्द गिरि कृत “योगीराज श्री श्री श्यामा चरण लाहिड़ी महाशय” एवं “स्वामी श्री युक्तेश्वर जी की जीवन कथा” से लिए गए उद्धरणों पर आधारित हैं। साथ ही योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया (YSS) और विभिन्न विश्वसनीय ग्रंथों/लेखों से संदर्भ लिए गए हैं, जिनमें श्री युक्तेश्वर जी के जीवन की प्रमुख घटनाओं का विवरण मिलता है। नीचे संग्रहीत संदर्भों में इन स्रोतों को क्रमवार प्रदर्शित किया गया है, जहाँ से उपरोक्त विवरणों की पुष्टि की जा सकती है: योगदा सत्संग सोसाइटी: “स्वामी श्री युक्तेश्वर: परमहंस योगानन्द के गुरु,” [YSS Web Article] परमहंस योगानन्द: “योगी कथामृत (Autobiography of a Yogi)”, चैप्टर 43: “श्री युक्तेश्वर का पुनरुत्थान”। स्वामी सत्यानन्द गिरि: “स्वामी श्री युक्तेश्वर गिरि महाराज: एक जीवनी”, योगदा (बंगाली से अनूदित)। The Holy Science (कैवल्य दर्शन): स्वामी श्री युक्तेश्वर गिरि द्वारा रचित अद्वितीय ग्रंथ। विकिपीडिया: “Swami Sri Yukteswar Giri” (विस्तृत संदर्भों सहित)। उपरोक्त सभी स्रोतों के माध्यम से पाठक श्री युक्तेश्वर जी के जीवन और शिक्षाओं के बारे में और अधिक विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इन महान ग्रंथों और संस्थाओं के सहयोग के बिना यह शोधपूर्ण प्रस्तुति संभव नहीं थी। Copyright Disclaimer: Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational or personal use tips the balance in favor of fair use.

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